कमलनाथ सरकार तबादला उद्योग में डूब गई है, जनता त्राही-त्राही कर रही है- चौहान
बुरहानपुर (निप्र)। कांग्रेस सरकार का एक साल पूरा होने के बाद सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने सरकार की विफलताओं से पर्दा उठाया। प्रेस कांफ्रेंस में सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कांग्रेस सरकार को तबादला उद्योग में डूबी हुई बताया। उन्होंने कहा जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। कमलनाथ की दोषपूर्ण नीतियों के कारण किसानेां की मौत हो रही है। आज किसानों की भूखे मरने की नौबत हो गई है।
यह बात सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार के एक साल पूर्ण होने पर जमकर कोसा। उन्होंने कहा किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। किसानों की पिटाई की जा रही है। प्रदेश में यूरिया की किल्लत हो गई है। किसान को एक खाते से सिर्फ दो बोरी यूरिया बमुश्किल मिल रही है। किसानों को बोनस का रुपया अभी तक नहीं मिला है। किसानों के भले के लिए शुरू की गई शिवराज सरकार की भावांतर योजना को बंद कर दिया गया। प्रदेश में किसान सहित जनता त्रस्त हो चुकी है। ओलावृष्टि से प्रदेश में फसलें चौपट हो गई। किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। मात्र 5-5 हजार रुपए मुआवजा मिल रहा है। केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि 6 हजार रुपए लोगों तक नहीं पहुंचा रहे है। प्रदेश में 64 हजार किसान पंजीकृत है। मात्र 22 हजार के किसानों के खातों में रुपए डाल रहे हैं। इसमें भी लापरवाही हो रही है। नेता से लेकर मंत्री तबादला उद्योग में व्यस्त है। गरीबों को अनाज नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 51 हजार रुपए नहीं मिल रहा है। बिजली आंख-मिचौली कर रही है। कब आएगी, कब जाएगी पता नहीं चलता है। बेरोजगार युवाओं को 4 हजार रुपए भत्ता देने के लिए कहा गया था। अब तक इस बारे में सरकार ने पहल नहीं की है। युवाओं को धोखा दिया है। झूठे वादे किए जा रहे हैं। कर्मचारियों का वेतन नहीं निकल रहा है। पुलिस को साप्ताहिक अवकाश नहीं मिला। मेघावी विद्यार्थियों को स्कूटी, लेपटॉप आदि देने की योजनाएं बंद कर दी गई है। सांसद चौहान ने कहा कांग्रेस का एक साल कलंकित साल रहा। केंद्र सरकार से दो लाख आवास दिए गए थे, लेकिन कमलनाथ सरकार ने ये आवास वापस कर दिए। कांग्रेस का नेतृत्व ही दिशाहीन है। कांग्रेस को जनता से कोई लेना, देना नहीं है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता, महापौर अनिलभाऊ भोंसले, युवा मोर्चा अध्यक्ष योगेश्वर पाटील, पार्षद विनोद पाटिल, डॉ. मनोज माने, विवेक श्रीमाली आदि मौजूद थे।